भारत सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए सोलर पंप उपलब्ध कराना और उन्हें ऊर्जा का उत्पादक बनाना है।अगर आप भी डीजल पंप के महंगे खर्च और बिजली की किल्लत से परेशान हैं, तो कुसुम योजना आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि आप इस योजना के तहत सोलर पंप पर सब्सिडी कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
अगर आप भी डीजल पंप के महंगे खर्च और बिजली की किल्लत से परेशान हैं, तो कुसुम योजना आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। आइए जानते हैं कि आप इस योजना के तहत सोलर पंप पर सब्सिडी कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
कुसुम योजना क्या है? (What is PM-KUSUM Yojana?)
कुसुम योजना भारत सरकार की एक पहल है, जिसके तहत किसानों को अपनी बंजर भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने और सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसका लक्ष्य 2022 तक 25,750 मेगावाट की सौर क्षमता जोड़ना था, जिसमें 17.5 लाख स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप स्थापित करना भी शामिल है।
मुख्य लाभ:
- सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली।
- डीजल पंपों पर निर्भरता कम।
- अतिरिक्त बिजली बेचकर आय का एक नया स्रोत।
- पर्यावरण के अनुकूल खेती।
कुसुम योजना के मुख्य घटक
इस योजना के तीन मुख्य घटक हैं:
- घटक-A (Component-A): 500 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता तक के छोटे सौर ऊर्जा संयंत्र लगाना, जिससे किसान अपनी जमीन पर बिजली पैदा कर सकें और इसे ग्रिड को बेच सकें।
- घटक-B (Component-B): 17.5 लाख स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंपों की स्थापना।
- घटक-C (Component-C): ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सोलराइजेशन (Solarization), यानी मौजूदा बिजली से चलने वाले पंपों को सौर ऊर्जा में बदलना।
सोलर पंप पर कितनी मिलती है सब्सिडी?
कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए भारी सब्सिडी दी जाती है। आमतौर पर:
- केंद्र सरकार: 30% सब्सिडी।
- राज्य सरकार: 30% सब्सिडी।
- किसान का योगदान: शेष 40%।
कुछ राज्यों में, किसानों को केवल 10% का भुगतान करना पड़ सकता है, जबकि 60% केंद्र और राज्य सरकार द्वारा और 30% बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराया जाता है। अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों के लिए सब्सिडी का प्रतिशत अधिक हो सकता है।
कुसुम योजना के लिए पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण पात्रता शर्तें हैं:
- आवेदक किसान होना चाहिए।
- किसान के पास अपनी कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए।
- पुराने डीजल पंपों को बदलने या नए पंप लगाने वाले किसान आवेदन कर सकते हैं।
- सामूहिक रूप से सिंचाई करने वाले किसान समूह, जल उपभोक्ता संघ, पंचायतें भी आवेदन कर सकती हैं।
कुसुम योजना के तहत सोलर पंप पर सब्सिडी कैसे लें? (Step-by-Step Process)
सोलर पंप पर सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया सीधी है, लेकिन इसमें कुछ चरणों का पालन करना होता है।
स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले, आपको कुसुम योजना की आधिकारिक वेबसाइट (mnre.gov.in) या अपने राज्य के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा। कुछ राज्यों में इसके लिए अलग से पोर्टल होता है।
स्टेप 2: पंजीकरण और आवेदन पत्र भरें
वेबसाइट पर “ऑनलाइन आवेदन करें” या “किसान पंजीकरण” लिंक ढूंढें। यहां आपको अपना विवरण भरना होगा:
- आधार संख्या
- बैंक खाता विवरण (खाता पासबुक)
- जमीन के दस्तावेज (खसरा-खतौनी)
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
सभी जानकारी सही-सही भरें।
स्टेप 3: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करेंआवेदन पत्र के साथ आपको निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे:
आवेदन पत्र के साथ आपको निम्नलिखित दस्तावेज अपलोड करने होंगे:
- आधार कार्ड
- बैंक पासबुक की कॉपी
- जमीन के दस्तावेज (खसरा-खतौनी या जमाबंदी)
- घोषणा पत्र (Declaration Form)
- पासपोर्ट साइज फोटो
स्टेप 4: आवेदन शुल्क का भुगतान
आवेदन प्रक्रिया के दौरान, एक छोटा सा आवेदन शुल्क (अगर लागू हो) का भुगतान करना होगा। यह शुल्क ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।
स्टेप 5: आवेदन जमा करें और रसीद प्राप्त करें
सभी जानकारी भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद, अपना आवेदन जमा करें। आपको एक आवेदन संख्या या रसीद मिलेगी, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखें।
स्टेप 6: सत्यापन और मंजूरी
आपके आवेदन का संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा। इसमें आपकी भूमि, पात्रता और अन्य विवरणों की जांच की जाएगी। सत्यापन सफल होने पर, आपके आवेदन को मंजूरी मिल जाएगी।
स्टेप 7: सोलर पंप का इंस्टॉलेशन
मंजूरी मिलने के बाद, सरकार द्वारा अधिकृत वेंडर (विक्रेता) आपके खेत में सोलर पंप स्थापित करेगा। आपको अपने हिस्से की 40% (या जो भी लागू हो) राशि का भुगतान करना होगा।
स्टेप 8: सब्सिडी का वितरण
सोलर पंप के सफल इंस्टॉलेशन और जांच के बाद, सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।

कुछ महत्वपूर्ण बातें और सावधानियां
- दलालों से बचें: योजना के नाम पर ठगी करने वाले दलालों से सावधान रहें। आवेदन केवल आधिकारिक वेबसाइट या विभाग के माध्यम से ही करें।
- सही जानकारी: आवेदन पत्र में सभी जानकारी सही भरें, अन्यथा आवेदन रद्द हो सकता है।
- राज्य विशिष्ट नियम: विभिन्न राज्यों में सब्सिडी और आवेदन प्रक्रिया में थोड़े बहुत अंतर हो सकते हैं, इसलिए अपने राज्य की वेबसाइट की जांच अवश्य करें।
- नियमित अपडेट: आवेदन की स्थिति जानने के लिए वेबसाइट पर नियमित रूप से चेक करते रहें या अपने कृषि विभाग से संपर्क करें।
निष्कर्ष
कुसुम योजना वास्तव में भारतीय किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो रही है। यह न केवल उनकी सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करती है, बल्कि उन्हें अतिरिक्त आय कमाने का अवसर भी देती है। अगर आप एक किसान हैं और इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो बिना किसी देरी के आवेदन करें और अपने खेत को सौर ऊर्जा से रोशन करें!