गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और मानवता के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। शहर के गोलघर इलाके में यातायात पुलिस ने एक बुलेट सवार युवक का 10 हजार रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया, जबकि उस युवक ने कुछ समय पहले ही एक पुलिस अधिकारी की जान बचाने के लिए रक्तदान किया था।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले यातायात विभाग के एक दरोगा सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस वक्त खून की सख्त जरूरत पड़ने पर एक युवक ने बिना देर किए अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया और दरोगा की जान बचाई थी।
बीते दिनों, वही युवक जब गोलघर इलाके से अपनी बुलेट पर गुजर रहा था, तो चेकिंग अभियान के दौरान उसे पुलिस ने रोक लिया। कागजों या नियमों की कमी के कारण पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का चालान थोप दिया।
सिफारिश भी नहीं आई काम
हैरानी की बात यह है कि युवक ने अपना परिचय दिया और उस पुराने वाकये का जिक्र भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद दरोगा ने उसकी एक न सुनी। युवक ने उस सिपाही से भी बात करवाई जिसने उसे रक्तदान के लिए फोन किया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस का दिल नहीं पसीजा और चालान काट दिया गया।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
इस घटना के बाद ‘रक्तवीर क्लब’ से जुड़े एक सिपाही ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। लोग इंटरनेट मीडिया पर पुलिस के इस व्यवहार की कड़ी आलोचना कर रहे हैं।
नेटीजन्स का कहना है: “नियम अपनी जगह हैं, लेकिन जिस व्यक्ति ने खाकी की जान बचाने के लिए अपना खून दिया, उसके प्रति पुलिस को थोड़ी संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी।”
प्रमुख बिंदु:
स्थान: गोलघर, गोरखपुर।
घटना: रक्तदान करने वाले युवक का 10 हजार का चालान।
विवाद: मानवता बनाम नियम की बहस।
यह घटना सोशल मीडिया पर “मानवता और पुलिसिया रौब” के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल इस मामले पर पुलिस के उच्चाधिकारियों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।