भारत में हर त्यौहार अपने साथ विशेष परंपरा और आस्था लेकर आता है। ऐसा ही एक पावन पर्व जो भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीय तिथि को आता है जिसे हम सभी हरितालिका तीज के नाम से जानते है। यह पर्व उत्तर भारत और नेपाल के विवाहित और अविवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती है। इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रहती है और हरा पहनना ज्यादा पसंद करती है।

हरितालिका तीज का महत्त्व
हरितालिका तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इस व्रत से वैवाहिक सुख प्राप्त होता है। और अविवाहित कन्याएं इस व्रत को रखती है तो मनचाहा वर मिलता है। और इस दिन जो महिलाएं उपवास रहती है उन्हें अखंड सौभाग्य प्राप्त होता है।
हरितालिका तीज कैसे मनाई जाती है?
- इस दिन महिलाएं और कन्याएं निर्जला व्रत यानि बिन जल और भोजन ग्रहण किए उपवास रखती है।
- महिलाएं गीत गाती , झूले झूलती है और पारंपरिक वस्त्र तथा आभूषण धारण करती है।
- महिलाएं इस प्रसाद के रूप में पकवान बनती है।
- इस व्रत में उपवास रखने वाली स्त्रियां रात्रि में जागरण कर भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का स्मरण करती और रात्रि भर जागरण करती है।
- शिव और पार्वती के मूर्तियों की इस दिन पूजा की जाती है।
हरितालिका तीज मानने का कारण
- माता पार्वती की तपस्या
पौराणिक कथा के अनुसार , माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। जब उनके पिता हिमालय में उनका विवाह भगवान विष्णु से तय किया तो माता पार्वती ने अपने पिता की अनुपस्थिति में विलाप करने लगी वे अपना प्राण त्यागने के लिए सोचने लगी तभी उनकी सखियां माता पार्वती को समझाने लगी और उन्हें समझाते हुए जंगल में लेकर चली गईं और शिव को पाने के लिए कठिन व्रत की। उनकी सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी घटना के याद में हरितालिका तीज का व्रत रखा जाता है।
2. पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख
विवाहित महिलाएं यह व्रत अपने पति की लंबी आयु, सुख और समृद्धि के लिए रखतीं है।
3. भक्ति और संयम का संदेश
यह व्रत महिलाओं को धैर्य, संयम, और श्रद्धा का महत्व सिखाता है।
FAQs ( अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1.हरितालिका तीज क्या है?
हरितालिका तीज हिन्दू धर्म का एक पावन व्रत है जो भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष के तृतीय तिथि को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती है।
2.हरितालिका तीज क्यों मनाई जाती है?
यह पर्व माता पार्वती की तपस्या की स्मृति में मनाया जाता है। उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर व्रत रखा था।
3.हरितालिका तीज का नाम कैसे पड़ा?
“हरितालिका“ नाम दो शब्दों से बना हैं– हरित ( हरकर ले जाना) और आलिका (सखी)। माता पार्वती की सखी उन्हें पिता के घर से जंगल ले गई थीं। ताकि वे भगवान शिव की तपस्या कर सके। इसी कारण इसे हरितालिका कहा जाता है।